अपने भीतर हनुमानजी से भेंट कर शांति पाएं

धन का हिसाब गड़बड़ा जाए तो आप सीए के पास जाते हैं, स्वास्थ्य में कुछ गड़बड़ी हो तो डॉक्टर के पास जाना पड़ता है, कानून का मामला हो तो वकील तक पहुंचना पड़ेगा..। ऐसे बहुत से लोग हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में काम आते हैं, पर शांति गड़बड़ा जाए तो कहां जाएंगे? अाधुनिक समय में यह बडा सवाल है। यदि ऐसा हो तो इधर-उधर मत भागिएगा। सबसे पहले खुद के भीतर उतरकर भेंट कीजिए हनुमानजी से। आज हनुमानजी की बात इसलिए की जा रही है कि 14 अप्रैल को रामनवमी है और इस दिन छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ‘एक शाम जीवन के नाम’ कार्यक्रम होगा। महापाठ के रूप में यह कार्यक्रम इसलिए दुनिया में जाना जाता है, क्योंकि वहां से होने वाले आह्वान पर देश-दुनिया में सवा करोड़ लोग एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इस कार्यक्रम को किसी धर्म विशेष से जोड़कर न देखते हुए इससे इसलिए जुड़िए कि जिन्हें शांति की तलाश हो उन्हें हनुमान चालीसा में इसके सूत्र मिल जाएंगे, क्योंकि हनुमानजी और शांति का बहुत गहरा संबंध है। शांति की तलाश सभी को होना ही चाहिए। इसी के साथ विश्व का पहला हनुमान चालीसा से ध्यान का केंद्र ‘शान्तम्’ मध्यप्रदेश के उज्जैन में 19 अप्रैल को लोकार्पित होगा। यह किसी आयोजन की सूचना नहीं, मनुष्य के भीतर शांत रहने की व्यवस्था की घोषणा है। शांत रहना हम सबका जन्मसिद्ध अधिकार है।

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