जीवन में प्रवेश करने के लिए सत्संग करें

जीवन में प्रवेश करने के लिए सत्संग करें

कुछ लोगों के भीतर अभी तक नए साल में प्रवेश का नशा चल रहा होगा। आपने जो कदम नव वर्ष के लिए उठाया हो, आपकी चाल दो तरह से हो सकती है। एक जीवन से भागने वाले लोग, दूसरी जीवन में प्रवेश करने वाले लोगों जैसी। बहुत सारे लोग ज़िंदगी से उल्टा भागने लगते हैं। उन्हें यह पता भी नहीं लगता कि जीवन पीछे छूट रहा है और वे भागे जा रहे हैं। देखिए, संसार और जीवन दो अलग-अलग बातें हैं। आप मनुष्य बन गए, केवल इससे जीवन नहीं आता। जीवन आता है उसकी तरफ चलने से। यह समझने के लिए कि जीवन किधर है और हमारी चाल कहां है, थोड़ा जीवन में प्रवेश करिए। यदि संसार और जीवन का अंतर नहीं समझा तो आप धार्मिक कार्य करते हुए भी जीवन से भाग ही रहे होंगे। उसमें प्रवेश वाला भाव नहीं आएगा। हम बहुत सारे काम करते हैं। कोई व्यापार करता हैं, कोई खेल खेलता है। किसी की रुचि राजनीति में होती है तो कोई अपराध करता है..। कोई मंदिर चला जाता है, सत्संग कर लेता है। ये एक तरह से हमारे लिए जीवन से भागने के विकल्प बन जाते हैं। भागने के लिए किसी सत्संग में न जाएं, बल्कि जीवन में प्रवेश करने के लिए सत्संग किया जाए। आजकल तो लोग घर में भी जीवन से भागने के लिए प्रवेश करते हैं। कुछ सोचिए और नए साल में जो भी संकल्प लें, एक यह भी जरूर लें कि जब भी अपने घर में प्रवेश करेंगे, ऐसा मानेंगे कि हम जीवन की ओर चल रहे हैं, जीवन के विपरीत नहीं..।

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