बिना सोचे किया काम भी दे सकता है नतीजा

कहा जाता है कि कोई काम शुरू करें तो सोच-समझकर कदम उठाएं। बिना सोचे-बिचारे उठाए गए कदम डगमगा भी सकते हैं। ऐसा होना भी चाहिए, ये बुद्धिमानी के लक्षण हैं लेकिन, इस दुनिया में बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो बिना सोचे-समझे काम कर जाते हैं। इसे सतही तौर पर देखें तो लगेगा कि यह मूर्खता है, नासमझी है लेकिन, इसका आध्यात्मिक अर्थ कुछ दूसरा है। धार्मिक व्यक्ति बहुत सोच-समझकर कदम उठाता है, क्योंकि उसके धार्मिक होने में बहुत सारे समीकरण जुड़े होते हैं लेकिन, आध्यात्मिक व्यक्ति का आधार होता है- ‘तेरे भरोसे जीवन’। इसका अर्थ है परमशक्ति पर अतिरिक्त भरोसा। ऐसा व्यक्ति कभी-कभी बिना सोचे-समझे भी काम कर जाता है। बस, कर रहे हैं तो कर रहे हैं, क्योंकि कराने वाला कोई और है। वे परिणाम की परवाह नहीं करते। ज़िंदगी में कभी-कभी आप भी बिना सोचे-समझे काम करिएगा। पर ये तीन बातें हों तो ही ऐसा करना- नीयत साफ हो, भीतर साहस बना रहे और तीसरी बात उस काम में आपके सहयोगी कौन हैं, इसकी सही समझ हो। यदि इन तीन बातों का तालमेल ठीक से बैठ गया तो कभी-कभी बिना सोचे-समझे किया गया काम भी नुकसान नहीं पहुंचाएगा। जब ऐसे काम का परिणाम आएगा तो शत-प्रतिशत आपके हित में, पूर्ण सफलता के साथ आएगा। ऐसा हमेशा ही करें, यह जरूरी नहीं है लेकिन, कभी-कभी कोशिश करते रहिए, इससे आपका आध्यात्मिक चरित्र मजबूत होगा..।

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