मंत्र से उत्पन्न तरंगें बढ़ाती हैं सकारात्मकता

इस दुनिया में साउंड यानी ध्वनि और वाइब्रेशन मतलब कंपन या तरंग रहित कोई पदार्थ नहीं है। आप पाएंग पूरी सृष्टि में तरंग ध्वनि सबके भीतर है। जड़ हो या चेतन, बाइब्रेशन के बिना काम चलता नहीं है। तरंग का जो सबसे क्रांतिकारी परिणाम आया वह है टीवी और मोबाइल। इन दो चीजों ने इन्सान की जिं़दगी में बहुत बड़ा परिवर्तन ला दिया है। नफा-नुकसान छोड़िए, लेकिन पूरी जीवनशैली प्रभावित हो गई। आने वाले वक्त में थोड़ा सावधान हो जाइए। बाहर इनका प्रभाव हमने देखा, पर अब मनुष्य के भीतर प्रभाव आने के दिन आ गए हैं। एेसे में ध्वनि और तरंग का एक प्रयोग अपनी सुविधा से रोज करिए और वह होगा अपने मंत्र का प्रयोग। आप किसी भी धर्म से जुड़े हुए हों, हर धर्म के पास कुछ शब्द और संवाद ऐसे हैं, जिन्हें मंत्र कह सकते हैं। किसी वस्तु को यदि ठीक करना हो तो छैनी-हथोड़ी काम आती है, शरीर का कोई अंग ठीक करना हो तो ऑपरेशन के औजार उपयोग में लिए जाते हैं, लेकिन नस-नाड़ियों के रक्त प्रवाह को ठीक करना हो, अपने भीतर के ऊर्जा लेवल को ऊंचा उठाना हो तो उसके लिए मंत्र की ध्वनि बड़े काम की है। जब किसी भी मंत्र की ध्वनि हमारे शरीर में उतरती है तो कुछ सूक्ष्म तरंगें वाइब्रेट होकर हमारी पॉजिटिविटी को बढ़ा देती हैं। यह एक विलक्षण विद्या है। किसी भी मंत्र में वो सूत्र छुपे हैं जो आपके आत्मविश्वास को बढ़ा सकते हैं। बहुत आसान तरीका है.., 24 घंटे में एक बार इस प्रयोग से अवश्य गुजरिए..।

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