January 23, 2019
व्यक्तित्व निखार देती है भीतर की यात्रा

व्यक्तित्व निखार देती है भीतर की यात्रा

इन्सान पूरी ज़िंदगी दो तरह से चल सकता है, लेकिन ज्यादातर लोग एक ही तरह से चलते हैं और वह है बाहर की यात्रा। इसमें दोनों […]
January 22, 2019
परिवार में सब सदस्यों को अपने जैसा मानें

परिवार में सब सदस्यों को अपने जैसा मानें

‘प्रेम गली अति सांकरी ता में दो न समाए…’। इस पंक्ति में कबीरदासजी ने ऐसा भाव व्यक्त किया है कि प्रेम की गली में दो लोग […]
January 19, 2019
दुनिया पाने के लिए दौड़ें तो गुरु साथ रखें

दुनिया पाने के लिए दौड़ें तो गुरु साथ रखें

दुनिया पाने के लिए जो लोग दौड़ रहे हैं, थकते वो भी हैं। फिर मन में एक विचार आता है कि लौट चलें या आगे बढ़ें? […]
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